इस सप्ताह की सुर्खियां: नवसंवत्सर-ईद के नाम हुई खूब राजनीति, पीबीएम में राउंड-द-क्लॉक मिलेंगे डॉक्टर्स
हरीश बी शर्मा
इस सप्ताह की सुर्खियां
हैलो बीकानेर। विक्रम संवत् शुरू होने के उपलक्ष्य में बीकानेर में होने वाली धर्मयात्रा के नाम पर इस बार भी राजनीति जमकर हुई। सवाल तो यह भी उठे कि इस धर्मयात्रा के लिए बनाई जाने वाली समिति का निर्धारण कौन करता है।
विधायक बनने से पहले इस धर्मयात्रा की कमान थामे नजर आने वाले जेठानंद व्यास इस बार अपने कुछ साथियों के साथ दिखाई दिए, लेकिन सबसे बड़ा 'खेला' तब हुआ, जब अगले दिन ईद पर ईदगाह के आगे पूर्व मंत्री डॉ.बी.डी.कल्ला, पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल और नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष मकसूद अहमद नजर आए। सोशल मीडिया पर खूब सवाल हुए। कल्ला से पूछा गया कि उन्हें धर्मयात्रा से परहेज क्यों रहा तो जवाब आया कि धर्मयात्रा का संबंध राजनीतिक दल से था। अभी तक सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमाया हुआ है। इस बीच भाजपा के युवा नेता वेद व्यास के बयान पर हुई प्रतिक्रिया से भी माहौल गरमाया रहा, लेकिन गनीमत है कि बात सिर्फ सोशल मीडिया तक ही रह गई।
सप्ताह पूरा ही विवादों की भेंट चढ़ा रहा। जिला उद्योग संघ के चुनावों में जिस तरह सुशील थिरानी कूदे, ऐसा लगने लगा कि डी.पी.पचीसिया को कड़ी टक्कर देेंगे, लेकिन पचीसिया ने प्रतिद्वंद्वी बने अपने मामे को 200 से ज्यादा मतों से पीछे रखते हुए जीत हासिल कर ली।
अंदरखाने की खबर यह है कि यह लड़ाई ऊपरी तौर पर जहां कांग्रेस-भाजपा की हो गई तो अंदरूनी तौर पर कल्ला-गुट के शहमात की रही। पचीसिया पहले कल्ला-गुट में भी रहे। फिर वे अर्जुनराम मेघवाल के हो लिये। सुशील थिरानी को आगे करने से यह साबित भी हो गया कि दखल पूरा है। मतदान के दौरान कमल कल्ला भी वहां देखे गए, लेकिन पार नहीं पड़ी।
इन दो घटनाओं से यह जरूर उभरकर आया कि डॉ. बी.डी.कल्ला आगामी चुनाव की तैयारी में लगे हैं। खासतौर से विजयमोहन जोशी की अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद कल्ला की सक्रियता में तेजी आई है। हालात यह है कि गणगौर को ऊंचकर 'शगुन' करने में भी वे पीछे नहीं रह रहे।
ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका के चल रहे युद्ध के दौरान एलपीजी की कमी तो हो ही गई है। कभी भी पेट्रोल का संकट आ सकता है, यह डर लोगों को सता ही रहा था कि अचानक से पेट्रोल-पैनिक भी हो गया। हरोळाई हनुमानजी के पास बने पेट्रोल पंप के रविवार रात अचानक बंद होते ही शहर को लगा जैसे कि पेट्रोल की किल्लत आ गई है। देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ गई। स्टॉक रखने वाले भी दौड़े, लेकिन यह किल्लत नहीं थी। कंपनियों की नीति थी कि पहले पैसे दो फिर पेट्रोल लो। अब तक उधारी से मामला चल रहा था। जिस पंप वाले ने अग्रिम भुगतान नहीं किया, उसे समय पर पेट्रोल नहीं मिला, इत्ती सी बात है।
बीकानेर में सिटी बसें चलने की संभावनाओं ने नौ रूट फिर से बनवा दिए हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या इस बार सिटी बसें सफल होंगी। बसों में हालांकि कॉलोनियों के कई रूट्स छोड़ दिए गए हैं तो शहरी क्षेत्र भी शामिल नहीं किया गया है। चलेगी तो पता चलेगा कि हालात क्या बनते हैं। कोटगेट और सांखला फाटक पर शुरू हुए अंडरपास/अंडरब्रिज का काम इस साल के अंत तक पूरा होने की संभावना है, हो सकता है यह काम मार्च तक खिंच जाए।
पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान से आ रही हेरोइन के मामले में बड़ा सुराग मिला है। पंजाब के दो लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो पाकिस्तान से भेजी गई हेरोइन की डिलीवरी लेने पहुंचे थे।
आम आदमी पार्टी ने बीकानेर में फिर से अपनी कार्यकारिणी बनाई है। सलवीर समेजा को संयोजक बनाया गया है। शहर अध्यक्ष पद पर रवि व्यास को लगाया है, जो कभी बीकानेर संासद धर्मेंद्र का काम देखा करते थे। डिजीटल फ्रॉड का शिकार हुए रवींद्र जैन के रुपये बचाने में पुलिस सफल रही है। संभव है पीबीएम अस्पताल में राउंड-द-क्लॉक डॉक्टर मय स्टाफ नजर आएं। पिछले दिनों बीकानेर आए प्रभारी मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर ने ऐसे आदेश दिए बताते हैं, देखते हैं चिकित्सा मंत्री के आदेशों का क्या असर पड़ता है।
शहर अब आखातीज की तैयारी में लग चुका है। चायनीझ मांझे से लोग लहुलुहान होने लगे हैं। बीकानेर के एसपी मृदुल कच्छावा नशे के खिलाफ अभियान चलाने की बात कह रहे हैं। जरूरी है, चायनीझ मांझे पर भी सख्त कार्रवाई हो। नये एसपी के संबंध में बहुत सारी अच्छी-अच्छी बातें आ रही हैं, लेकिन बकौल अहमद फराज
'टूट-सा गया है मेरी चाहतों का वुजूद
अब कोई अच्छा भी लगे तो हम इजहार नहीं करते
(साप्ताहिक विनायक से साभार)
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