भजनलाल
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल, गैस तथा उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी अवैध भंडारण, रिफिलिंग और अनियमितता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को आश्वस्त किया है कि आम जनता को परेशानी नहीं आने देंगे। सभी एकजुट होकर इस समय चुनौती का सामना करेंगे
शर्मा ने कहा कि एलपीजी और रसोई गैस संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 181, 112 और 14435 हेल्पलाइन नंबर चौबीस घंटे संचालित हैं। प्रदेश में कहीं भी कृत्रिम संकट, कालाबाजारी या जमाखोरी जैसी स्थिति न पैदा हो इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने मुख्य सचिव को हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जिला प्रशासन, पुलिस और रसद विभाग को सतर्क किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित अवधि के बाद रिफिलिंग हेतु आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को बिना विलंब के सेवा मिले। बड़े आयोजनों के लिए भी सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
श्री शर्मा ने कहा कि सिटी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जाए ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। साथ-साथ सिटी गैस वितरण कंपनियां घरेलू पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन देने में तेजी लाएं और हॉस्पिटल, होटल, रेस्टोरेंट जैसी वाणिज्यिक इकाइयों को नैचुरल गैस अपनाने के लिए प्रेरित करें। पाइपलाइन अनुमतियों को शीघ्र स्वीकृति दी जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी जिला कलेक्टर 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की लंबित स्वीकृतियों को जारी करें। श्री शर्मा ने कहा कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने व्यावसायिक एलपीजी के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन संबंधी निर्देश जारी किए हैं। इस 10 प्रतिशत आवंटन का पूरा लाभ उठाना सुनिश्चित करें।
श्री शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने होटल, रेस्तरां, ढाबों, फूड प्रोसेसिंग एवं डेयरी इकाइयों, औद्योगिक कैंटीन और श्रमिकों के लिए पांच किलो वाले सिलेंडर के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त एलपीजी आवंटन किया है। अधिकारी सुनिश्चित करे कि इस आपूर्ति का दुरुपयोग न हो। उन्होंने कहा कि यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में देश में छह यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं, इससे सालाना 76 लाख मीट्रिक टन से अधिक की यूरिया उत्पादन क्षमता जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमाखोरों, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त मॉनिटरिंग करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो और समस्या का त्वरित समाधान किया जाने के निर्देश दिए।
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