इस सप्ताह की सुर्खियां: मेघवाल प्रकरण बनाम खाजूवाला विधानसभा, तिवाड़ी की सक्रियता से बढ़ी साहित्यिक रंगत
पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी शुरू
इस सप्ताह की सुर्खियां
हैलो बीकानेर। बीकानेर कांग्रेस की राजनीति संभाले नहीं संभल रही। दिग्गज नेता शहर और देहात के अध्यक्षों को चुनौती दे रहे हैं, जिसका सीधा-सा मतलब है, असहयोग। कभी डॉ. बी. डी. कल्ला और यशपाल गहलोत नये-नवेले शहर अध्यक्ष मदन मेघवाल को चुनौती देते नजर आते हैं तो कभी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के सामने देहात के नेता चुनौती खड़ी कर देते हैं। इस बार तो हद ही हो गई। एक ऐसा वीडियो जारी हुआ है, जिसमें दिवंगत रामेश्वर डूडी से लेकर पूर्व मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला सहित कई नेताओं को जमकर निशाना बनाया गया है।
आरोप है कि ऐसा गोविंदराम मेघवाल ने कहा। प्रथम दृष्टया यह मानने में आ भी जाता है, क्योंकि गोविंद मेघवाल पहले भी कई बार ऐसा बोले हैं, लेकिन इस बार ऑडियो-वीडियो को एडिटेड करने की बात कही है। इस संबंध में एक मुकदमा भी दर्ज हो गया है। देखते ही देखते शहर कांग्रेस से आनंद जोशी ने इस्तीफा दे दिया है। भंवर कूकणा आंदोलन का बिगुल बजा चुके हैं। दोनों पक्षों के नेता अशोक गहलोत के सामने हाजर हो आए हैं।
ऑडियो-वीडियो की जांच करवाने के लिए पत्रकारों से बात करने मदन गोपाल मेघवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर ली है तो भाजपा नेता रविशेखर मेघवाल ने भी प्रेस कांफ्रेंस करके नाम को घसीटने पर सवाल उठाए हैं। कुल मिलाकर यह सारा मसला आगामी विधानसभा चुनाव में खाजूवाला सीट को अपने-अपने अनुकूल बनाने की रणनीति का हिस्सा लगता है। इससे पहले पंचायत चुनाव में सारी तस्वीर क्लियर होनी है, इसलिए यह कवायद हो रही है।
जाहिर है कि कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में सम्मानजनक हार दिलाने वाले गोविंद मेघवाल खाजूवाला सीट के लिए महत्वाकांक्षी हों। मदन मेघवाल शहर अध्यक्ष बनकर भी खाजूवाला के लिए लालायित हैं तो हैं। इधर रविशेखर मेघवाल को भाजपा का स्वाभाविक प्रत्याशी माना जा रहा है तो जो वर्तमान में विधायक विश्वनाथ मेघवाल का अलर्ट होना बनता ही है। बहरहाल, सारा मामला गड्ड-मड्ड हो चुका है।
युद्ध से बन रहे हालात के बीच बीकानेर के लोग भी सारे देश की तरह आशंकाओं में हैं। गैस एजेंसियां दबाव के चलते अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं। पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी शुरू हो चुकी है। लोग स्टॉक करने में लगे हैं। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई का वाल्यूम जरा-सा खोला गया है, लेकिन होटल से लेकर ऑटो तक के किराये में वृद्धि कर दी गई है। इनको कौन रोके? इस बीच व्यावसायिक सिलेंडर की दरें एक बार फिर बढ़ गई हैं।
अगर समय पर सिटी बसें चल जातीं तो अच्छा होता। गर्मी में 75 एसी बसें चलाने की तैयारी है। रोडवेज में फर्जी टिकट बेच रहा खलासी जांच टीम आने से पहले भागने में सफल रहा, लेकिन इससे यह जाहिर होता है कि इस तरह का रैकेट राजस्थान रोडवेज की बसों में है। निश्चित रूप से यह ड्राइवर और कंडेक्टर की सूचना के बगैर तो नहीं हो सकता। नोखा थाने में मामला दर्ज है, जांच होगी।
नहरबंदी की मियाद कम कर दी गई है। साठ की बजाय 45 दिन चलने वाली नहर बंदी के दौरान नहर की मरम्मत का काम होगा। जाहिर है, जलसंकट रहेगा, जलदाय विभाग का दावा है कि पानी का पर्याप्त इंतजाम है। आरटीइ के तहत होने वाले एडमिशन से प्राइवेट स्कूलें परेशान हैं, क्योंकि उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिलता। कुछ छात्रों को जो स्कूलें अलॉट की गई हैं, वे बंद मिली हैं। पता चला है कुछ स्कूलें अगले शिक्षा सत्र में बंद होने वाली हैं।
गणगौर का बारहमासा मेला भी भर गया है। अब आखातीज की धूम है। इस बीच साहित्यिक समारोह खूब हुए हैं। अच्छी खबर यह है कि बीकानेर के प्रख्यात कथाकार मालचंद तिवाड़ी फिर से साहित्यिक कार्यक्रमों में सक्रिय हो चुके हैं, इससे साहित्यिक कार्यक्रम सही अर्थों में साहित्यिक लगने लगे हैं। उन्होंने एक राजस्थानी किताब 'अलेखूं अंबाÓ के हिंदी अनुवाद से री-एंट्री की है।
पहले भी उन्होंने कई किताबों का अनुवाद किया है। बीकानेर थिएटर फेस्टिवल और रंग आनंद नाट्य समारोह की शृंखला में शामिल अमर कला महोत्सव भी हुआ है। बीकानेर के संगीत गुरु अमरचंद पुरोहित की स्मृति में उनके सुपुत्र विपिन पुरोहित इस कार्यक्रम का हर वर्ष आयोजन करते हैं। बीकानेर को निशांत जैन के तौर पर नये कलेक्टर मिले हैं। नगर निगम और बीडीए के आयुक्त बदले जा रहे हैं और जिला परिषद के सीईओ भी।
मशहूर आफरीदी कहते हैं—
जगह की कैद नहीं थी कोई कहीं बैठे
जहां मकाम हमारा था हम वहीं बैठे
(साप्ताहिक विनायक से साभार)
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