कोहली-रोहित फिर दिखाएंगे दम, राहुल के नेतृत्व में अफ्रीका से भिड़ेगी टीम इंडिया




स्पोट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज झारखंड के रांची में जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप के बाद दक्षिण अफ्रीका की नजरें वनडे सीरीज पर होंगी, जहां भारत का पलड़ा अफ्रीका की टीम पर भारी लग रहा है। रांची में अब तक 6 मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 3 मैच जीते और दो में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मैच बिना रिजल्ट रहा। भारतीय क्रिकेट टीम के कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने कहा है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा के होने से उन्हें कप्तानी करने में मदद मिलेगी।
केएल राहुल ने अब तक 12 एकदिवासीय, तीन टेस्ट और एक टी-20 में भारतीय टीम की कप्तान की है। नियमित कप्तान शुभमन गिल के चोटिल होने पर उन्हें एक बार फिर यह जिम्मेदारी मिली है। राहुल स्वयं को एकदिवसीय प्रारूप में एक फिनिशर मानते हैं। उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विजयी रन बनाए थे। इसके बाद फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी आखिर तक बल्लेबाजी की थी। राहुल ने दक्षिण अफ्रीका के साथ आज रांची में होने वाले एकदिवसीय मैच एक दिन पहले शनिवार को कहा, “घोषणा से ठीक एक दिन पहले मुझे बताया गया था कि मुझे यह अवसर मिल सकता है और मुझे टीम की कप्तानी करनी पड़ सकती है। मैं पहले भी कप्तानी कर चुका हूं और यह जिम्मेदारी मुझे उत्साहित करती है। मैं इसका आनंद लेना चाहता हूं। टीम के लिए सही निर्णय लेना हमेशा मुझे अच्छा लगता है और मैं इसे लेकर अधिक नहीं सोचता।”
राहुल के पास ऐसे खिलाड़ियों का अनुभव और सहयोग भी है जो लंबे समय से एक साथ खेलते आ रहे हैं और 2027 एकदिवसीय विश्व कप की तैयारी में यह अनुभव काम आएगा। राहुल ने कहा, “मेरे आसपास रोहित, विराट, जडेजा जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी हैं जो हर समय मदद करते हैं। हम सभी अपनी क्रिकेट इस सोच के साथ खेलते आए हैं कि हम सब टीम में नेतृत्वकर्ता हैं और टीम के लिए हमेशा अहम योगदान देने का प्रयास करेंगे। चाहे कप्तान मैं रहूं या कोई और, हमारा उद्देश्य हमेशा बड़े लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास करना ही होता है।”
राहुल से जब साइमन हार्मर की ऑफ ब्रेक को कवर ड्राइव करने के प्रयास में बोल्ड होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस बात का अफ़सोस नहीं है कि मैंने कोई और शॉट क्यों नहीं खेला। अफसोस केवल यह है कि जो करने का प्रयास किया उसे सही तरह से अंजाम नहीं दे पाया।” उन्होंने कहा, “टेस्ट में उस स्थिति में दिन के आखिरी कुछ ओवर बचे थे। उस समय आगे बढ़कर बड़े शॉट की कोशिश करना सही विकल्प नहीं था। पीछे मुड़कर देखें तो शायद मैं आगे आकर गेंद को ब्लॉक कर सकता था लेकिन वह ओवर की दूसरी गेंद थी। अगर आगे बढ़कर आउट हो जाता तो यह सवाल मेरे मन में रह जाता कि यह सही था या गलत। उस समय डिफेंस ही सबसे सही विकल्प था, जिसे मैं ठीक से निभा नहीं पाया।”
स्पिन खेलने को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि हम पहले स्पिन बेहतर क्यों खेलते थे और अब क्यों दिक्कत हो रही है। कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। हमें सिर्फ़ यह सोचना है कि खिलाड़ी के तौर पर हम कैसे बेहतर हो सकते हैं। अगले छह-सात महीने में श्रीलंका के दौरे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में हम फिर ऐसी परिस्थितियों में होंगे। तब तक हमें अपनी तकनीक में जरूरी सुधार करने होंगे। हम उन खिलाड़ियों से भी बात करेंगे जिन्होंने स्पिन को बेहतरीन तरीके से खेला है ताकि उनसे कुछ सीख सकें।”
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