HelloBikaner
BREAKING NEWS
• बीकानेर में नगर निगम के सफाई टिप्पर-ट्रैक्टरों का आतंक! 48 घंटे में तीन हादसे, देखें वीडियो • बीकानेर के सैकड़ों इलाकों में सोमवार को गुल रहेगी बिजली, देखें पूरी लिस्ट • बीकानेर में ट्रक की टक्कर से भड़का आक्रोश, रंका भवन के सामने सड़क पर उतरे लोग, देखे वीडियो • मिशन लाइफ के तहत ज़िले में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक का शुभारंभ • रविवार एक नवंबर को शहर के इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली गुल,पढ़ें न्यूज • बीकानेर में नगर निगम के सफाई टिप्पर-ट्रैक्टरों का आतंक! 48 घंटे में तीन हादसे, देखें वीडियो • बीकानेर के सैकड़ों इलाकों में सोमवार को गुल रहेगी बिजली, देखें पूरी लिस्ट • बीकानेर में ट्रक की टक्कर से भड़का आक्रोश, रंका भवन के सामने सड़क पर उतरे लोग, देखे वीडियो • मिशन लाइफ के तहत ज़िले में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक का शुभारंभ • रविवार एक नवंबर को शहर के इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली गुल,पढ़ें न्यूज

तीन गांवों की पेयजल समस्या को लेकर चार युवक पानी की टंकी पर चढ़े

2 months ago
तीन गांवों की पेयजल समस्या को लेकर चार युवक पानी की टंकी पर चढ़े

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के रावतसर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को पेयजल संकट को लेकर चार युवाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। mप्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा मटोरिया गांव में आज सुबह चार युवक-राजाराम, मुकेश, दिनेश और रामस्वरूप अपने गांव किकरालिया के साथ-साथ नजदीकी गांव रामपुरा मटोरिया और न्यौलखी की पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग को लेकर जलदाय विभाग में पानी की टंकी पर चढ़ गये।

Image

 


घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने टंकी पर चढ़े युवकों को समझा-बुझाकर उतारने का प्रयास किया। साथ ही जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी तुरंत मौके पर बुलाने के निर्देश दिए। इस दौरान टंकी के नीचे बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हो गए। पुलिस के अनुसार इन तीनों गांवों में पेयजल की आपूर्ति करीब 15 किलोमीटर दूर गांव धन्नासर में स्थित आपणी योजना से पाइपलाइन के माध्यम से की जाती है। युवकों का आरोप है कि यह पाइपलाइन बेहद घटिया गुणवत्ता की है। जब भी पानी छोड़ा जाता है, तो कहीं न कहीं से पाइपलाइन फट जाती है, जिससे तीनों गांवों की पानी आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है। यह समस्या पिछले काफी समय से बनी हुई है।

 

 

जलदाय विभाग के अधिकारी बार-बार मरम्मत का काम तो करते हैं लेकिन स्थाई समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे। दूसरी ओर पाइपलाइन फटने के बाद उसकी मरम्मत में कई दिन लग जाते हैं। इस दौरान गांवों में पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती। नतीजतन ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: