नई दिल्ली। कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन डॉ अनिल जय हिंद ने कहा है कि लोक सभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण चर्चा का नहीं, बल्कि उसके तत्काल क्रियान्वयन का मामला है।
उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुला रही है, जिसमें संविधान संशोधन लाने की तैयारी है। श्री जय हिंद के अनुसार, पहले सरकार ने 2027 में जातिगत जनगणना, उसके बाद परिसीमन और फिर महिला आरक्षण लागू करने का रोडमैप बनाया था, लेकिन अब 2011 की जनगणना के आधार पर इसे लागू करने की बात कही जा रही है, जो मौजूदा जनसंख्या बदलावों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जातिगत जनगणना से बचना चाहती है। इस संदर्भ में 2021 में संसद दिये गये आश्वासन और उच्चतम न्यायालय में दिये गये हलफनामों का हवाला दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के बाद दबाव में सरकार ने रुख बदला। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर ओबीसी महिलाओं को आरक्षण से वंचित रखने का आरोप लगाया और साथ ही याद दिलाया कि राजीव गांधी सरकार की ओर से लाये गये 73वें और 74वें संविधान संशोधनों में ओबीसी आरक्षण का प्रावधान पहले से मौजूद है।
श्री जय हिंद ने कहा कि बड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व से दूर रखना लोकतंत्र के खिलाफ है।
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