HelloBikaner
BREAKING NEWS
• बीकानेर के इस थाना क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की हत्या, मौके पर पहुंची पुलिस, पढ़ें न्यूज़ • भगवान महावीर जयंती पर होंगे अनेक कार्यक्रम तैयारियां जोरों पर • बंगाल के लोगों के अधिकार किसी भी हाल में छीने नहीं जा सकते • 15 से 29 साल की उम्र है तो ले इस प्रतियोगिता में हिस्सा • सिलेंडरों की मारामारी के बीच कांग्रेस-भाजपा • बीकानेर के इस थाना क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की हत्या, मौके पर पहुंची पुलिस, पढ़ें न्यूज़ • भगवान महावीर जयंती पर होंगे अनेक कार्यक्रम तैयारियां जोरों पर • बंगाल के लोगों के अधिकार किसी भी हाल में छीने नहीं जा सकते • 15 से 29 साल की उम्र है तो ले इस प्रतियोगिता में हिस्सा • सिलेंडरों की मारामारी के बीच कांग्रेस-भाजपा

बीकानेर: बच्चे सीख रहे AI और रोबोटिक्स, Robo Spark Academy बना रही भविष्य के इनोवेटर्स

3 days ago
बच्चे सीख रहे AI और रोबोटिक्स, Robo Spark Academy बना रही भविष्य के इनोवेटर्स

बीकानेर

 हैलो बीकानेर न्यूज़, बीकानेर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के बढ़ते महत्व को देखते हुए बीकानेर में बच्चों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है। जय नारायण व्यास कॉलोनी के हेमू सर्किल पर संचालित Robo Spark AI & Robotics Academy द्वारा कक्षा 2 से 10 तक के विद्यार्थियों को एआई रोबोटिक्स, कोडिंग एवं तकनीकी नवाचारों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में अकादमी की गतिविधियों और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की गई।

अकादमी की निदेशक मल्लिका सप्रा ने बताया कि वर्तमान समय में AI और रोबोटिक्स केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि आज की आवश्यकता बन चुकी हैं। ऐसे में बच्चों को कम उम्र से ही इन तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना जरूरी है। अकादमी का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और नवाचार की भावना विकसित करना है, ताकि वे आने वाले डिजिटल युग की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।

उन्होंने बताया कि अकादमी में विद्यार्थियों को रोबोटिक मॉडल निर्माण, कोडिंग, एआई के मूल सिद्धांतों और नवाचार आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान छात्र स्वयं प्रोजेक्ट तैयार करते हैं और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने का प्रयास करते हैं। इससे उनमें विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ने के साथ-साथ आत्मविश्वास का भी विकास होता है।

मल्लिका सप्रा ने कहा कि रोबोटिक्स और एआई शिक्षा के माध्यम से बच्चों में समस्या समाधान, क्रिटिकल थिंकिंग, रचनात्मकता, टीमवर्क, संचार कौशल और नवाचार जैसे 21वीं सदी के महत्वपूर्ण कौशल विकसित होते हैं। उनका मानना है कि उन्नत तकनीकी शिक्षा केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इसके समान अवसर मिलने चाहिए।

उन्होंने बताया कि आज AI और रोबोटिक्स का उपयोग स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, परिवहन और विनिर्माण सहित कई क्षेत्रों में हो रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को इन तकनीकों से प्रारंभिक स्तर पर जोड़ना उनके भविष्य के करियर और उद्यमिता के लिए भी लाभदायक साबित होगा। अकादमी विद्यार्थियों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं सिखाती, बल्कि उसके नैतिक और जिम्मेदार उपयोग के प्रति भी जागरूक करती है।

पत्रकार वार्ता अकादमी से जुड़े तौसीफ रजा ने कहा कि अभिभावक भी अपने बच्चों को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराने के लिए AI और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक शिक्षा से जोड़ें, जिससे वे तकनीक के केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसके निर्माता और नवप्रवर्तक बन भी बन सकें।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: