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इस सप्ताह की सुर्खियां: शहर में पहली बार सिद्धिकुमारी का विरोध, अर्जुनराम मेघवाल से भी बढ़ रही है नाराजगी, जीभ साफ करके जताया अनूठा विरोध

हरीश बी शर्मा

2 months ago
शहर में पहली बार सिद्धिकुमारी का विरोध, अर्जुनराम मेघवाल से भी बढ़ रही है नाराजगी, जीभ साफ करके जताया अनूठा विरोध

इस सप्ताह की सुर्खियां

हैलो बीकानेर। बीकानेर विधानसभा पूर्व की विधायक सिद्धिकुमारी के जनप्रतिनिधि बनने के बाद पहली बार हुआ होगा कि कोटगेट पर उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन करते हुए क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगा हो। ऐसा नहीं है कि बीकानेर विधानसभा पूर्व की अनदेखी नहीं हो रही है। हो तो रही ही है, लेकिन कोई विरोध नहीं।

उस पर तुर्रा यह कि चुनाव भी लगातार जीतती जा रही है, लेकिन इस बार यह सिर्फ विरोध नहीं। पूर्व विधानसभा में रहने वाले भाजपाइ नेता भी अपनी बारी के इंतजार में ‘चिटोली घसीजै, म्हारी चॉन बेगी आवै...’ की तर्ज पर प्रतीक्षा में है। भगवानसिंह मेड़तिया इन दावेदारों में सबसे ज्यादा उल्लेखनीय बनते जा रहे हैं।

बिजली कंपनी के विरोध में जिस तरह का मोर्चा भगवानसिंह मेड़तिया ने बांधा है, यहां के बाशिंदों ने भी सोशल मीडिया के जरिये अपना उनका समर्थन दर्ज करवाया। महिला कांग्रेस द्वारा आयोजित सिद्धिकुमारी के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान भी चर्चा यही रही कि इस बार फ्रेश चेहरा आना चाहिए।

अलबत्ता, कांग्रेस पूरी तरह से सक्रिय है। पिछले दिनों बीकानेर आए चिकित्सा मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर ने प्रसूताआें की स्थितियों के बिगड़ने के सवाल पर जो कहा, वह न सिर्फ हास्यास्पद बल्कि गैर-जिम्मेदाराना था बल्कि देखा जाए तो गैर-जरूरी था। इस के बगैर भी बात हो सकती थी, लेकिन नहीं हुई।

लिहाजा इस जुबान को धोने के लिए कांग्रेस ने एक नया आइडिया आजमाया, लंबी जीभ बनाई। उसे धोया भी और पुतला जला दिया। चिकित्सा मंत्री के बीकानेर आने से पहले भी कांग्रेस के प्रदर्शन में बड़ी तादाद में गिरफ्तारियां हुईं। कॉमरेड भी सक्रिय दिखाई दिए। आरएलपी ने भी किसानों की समस्याओं के नाम पर प्रदर्शन किया। बीकोनर की राजनीति में जगह बनाने के लिए युवाओं ने कमर कस ली है।

इस बीच पीबीएम से लेकर शहर के विकास तक के विषयों पर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का विरोध बड़ी खबर है। हालांकि, मेघवाल ने व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर रखी है, लेकिन सोशल मीडिया तो ‘रक्तबीज’ है। एक को मना करोगे, दूसरा मुद्दा उठा लेगा। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं के किडनी  फेल होने और आंखों की रोशनी जाने से सवालों के घेरे में है। इलाज के लिए कई प्रसूताओं को वेंटीलेटर पर रखना पड़ा है।

धौलपुर के पास हुए हादसे में बीकानेर की एक महिला बीरमा का निधन हो गया। बताते हैं कि रेल में अफवाह के बाद अफरातफरी मची। किसी ने कहा कि रेल में आग लग गई है। आग से बचने के लिए किसी ने चेन खींच दी और इस हबड़तबड़ में कुछ यात्री रेल से नीचे उतर गए। दूसरी पटरी पर तेज गति से रेल आ रही थी, जिससे चार यात्रियों की मौत हो गई।

इधर, हर महीने फतेहाबाद से मुकाम आने वाले एक परिवार के साथ श्रीडूंगरगढ़ के पास हादसा हुआ। सात लोगों की मौत हो गई। आमने-सामने की टक्कर में कार डंपर से जा टकराई।

सरकार के कार्यक्रम का फॉलो करते हुए केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने श्रीडूंगरगढ़ में जनसुनवाई की, जिसमें जनता का आक्रोश भी सामने आया। नकली बीज के मामले में रिश्वत के प्रकरण में आरोपियों को फिर से रिमांड में लिया गया है। बताते हैं कि इसमें कुछ और अफसरों का नाम भी जुड़ गया है।

अधिक मास खत्म होने के साथ ही मांगलिक कार्यों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आषाढ़ का आधा भाग अब शुरू हुआ है। पिछले कुछ दिनों से शाम के समय का बीकानेर ठंडा रहता है, लेकिन इससे पहले आंधी, तूफान और बारिश का जो दौर चलता है, लोगों को परेशान कर जाता है। बहरहाल, बारिश से राहत है।

कोटगेट और सांखला रेल फाटक को लेकर लोगों का यही मानना है कि बारिश होने पर यहां पानी भरेगा। बीकानेर शहर के भले मानुषों को पता ही नहीं है कि होने वाला क्या है। बनेगा तब समझ आ जाएगा। जिगर मुरादाबादी का शेर है।
अपना जमाना आप बनाते हैं अहले दिल
हम वो नहीं कि जिनको जमाना बना गया

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